खाके गुजिया,
पी के भंग
लगा के थोड़ा थोड़ा सा रंग
बजा के ढोलक और मृदंग
खेलें होली हम तेरे संग।
होली मुबारक
......यत्र - तत्र - सर्वत्र.......!!!!!!!
खाके गुजिया,
पी के भंग
लगा के थोड़ा थोड़ा सा रंग
बजा के ढोलक और मृदंग
खेलें होली हम तेरे संग।
होली मुबारक
2 comments:
एक अच्छी पोस्ट के सा्थ ,होली के अच्छे रंग बिखेरे हैं। होली मुबारक।
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