अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब अमिताभ बच्चन अच्छी तरह से समझ चुके है इसी लिये उन्होने अपना ब्लोग बना लिया है।
अब उनका अंदाज बदल गया है,
दिल जो ना कह सका, वो बात अब वो आराम से बोल सकते हैं,
अगर आप बच्चन जी को कोई राय देना चाहते हैं तो यहां जायें,
http://blogs.bigadda.com/ab/
बच्चन जी को तो मैं एक बात जरुर बोलूंगा.............
बोल, कि लब आज़ाद हैं तेरे
बोल, ज़बां अब तक तेरी है
तेरा सुतवां जिस्म है तेरा
बोल, कि जाँ अब तक तेरी है
Apr 25, 2008
अमिताभ बच्चन का ब्लोग
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