बचपन की यादें..... ताजा हो गई.......
मेरा गांव.........
माला गांव, अल्मोडा, उत्तराखंड
मेरी पेदाइश माला गांव कि तो नही है पर ये मेरा अपना गांव है, जहां मैंने किसी वक्त बचपन के कुछ यादगार लम्हे गुजारे थे,
मैं कुछ-कुछ वर्षो के अंतराल मै गांव जाता रहता हूं !
कुछ फोटोग्राफ्स के द्वारा अपनी यात्रा को मैं यहा प्रस्तुत कर रहा हूं॥॥॥॥।
यात्रा व्रतांत ( २५ जून २००८ )
Jun 10, 2008
बचपन की यादें....!
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चित्र-हार
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